Thursday, 28 May 2015

Healthy Foods: Best Fruits To Eat this Summers | Fruits You Can Eat All Summer Long ( चिचिलाती गर्मी से परेशान हो तो इस भयंकर गर्मी से बचने के लिए खाएं ये आहार )



       Best Fruits To Eat this Summers | Fruits You Can Eat All Summer Long        

       चिचिलाती गर्मी से परेशान हो तो इस भयंकर गर्मी से बचने के लिए खाएं ये आहार        



गर्मियों की चिलचिलाती धूप अक्सर तबीयत बिगाड़ देती है। ठंड़े बुलबुले सोडायुक्त पेय राहत जरूर देते हैं पर शरीर पर इनके दुष्परिणाम देर सवेर जरूर पड़ते हैं। प्रकृति ने हमारे लिए कई उपाय किए हुए हैं। कितनी ही गर्मी क्यों ना हो यदि हम अपनी दिनचर्या में पारंपरिक पेय और फलों को सम्मिलित कर लें तो धूप की तपिश से होने वाले शारीरिक विकारों पर काबू पाया जा सकता है।गर्मियों में मिलने वाले फल न सिर्फ स्वाद और सेहत के लिहाज लाजवाब हैं बल्कि ग‌र्मियों में आपको ठंडा और तरोताजा रखने में भी मददगार हैं। आइए जानें गर्मियों के ऐसे पांच फलों के बारे में जो तपती गर्मी में आपको तरोताजा रखते हैं और कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाते हैं।



       खरबूज (MUSK MELON)-                                                                  



õयह ग्रीष्म ऋतु का अद्वितीय फल है। यह हर कहीं सहजता से उपलब्ध रहता है एवं सस्ता होने के कारण सभी खरीद सकते हैं। 

õखरबूजा तृप्ति कारक, शीतल, बलवर्धक तथा पित्त, वायु, कब्ज निवारक है।

õशारीरिक श्रम के बाद यह फल खाने से थकान दूर हो जाती है तथा तृप्ति मिलती है।

õख़रबूज़ा न केवल शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है बल्कि इसमें विटामिन ए, बी, सी और  मैग्नीशियम ,  सोडियम पोटैशियम जैसे मिनिरल्स की भी प्रचुर मात्रा पायी जाती है। 

õइससे कोलेस्ट्राल नहीं बढ़ता है इसलिए वज़न घटाने और दिल के रोगों में इसका सेवन बहुत लाभदायक है। 

õप्रतिदिन गुड़ के साथ तरबूज़ खाने से त्वचा से संबंधित बीमारियां नहीं होती और शरीर की गर्मी को दूर करता है। 

õइससे कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता है इसलिए वजन घटाने और दिल के रोगों में इसका सेवन बहुत फायदेमंद है। 

õयह शरीर की गर्मी को दूर करता है।खरबूज में वैसे तो कई खासियत पाई जाती है। 

       आलूबुखारा (PRUNES)-                                                                        




õआलूबुखारा बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि यह मीठा, जूसी और विटामिन सी से परिपूर्ण होता है। आलूबुखारा खाने से शरीर को आयरन मिलता है, जो शरीर में रक्त, प्रवाह को बेहतर बनाए रखने में मददगार होता है। 

õइसमें एंटी आक्सीडेंट और पौष्टिक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते है, जो बीमारी से बचाते है। 

õयह कैलोरी और वसा से भी बिल्कुल मुक्त है। इसे छिलके के साथ खाना चाहिए क्योंकि इसके ज्यादातर पौष्टिक तत्व इसी में होते हैं। 

õयह कैंसर प्रतिरोधी भी होता है। आलूबुखारा काफी स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक होता है और स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बेहद लाभदायक होता है। 

õआप इसे कच्‍चा खा सकते है या इसका जूस भी पी सकते है। 

õइससे कई प्रकार की अच्‍छी डिशेज भी बनती हैं। इनका ज्‍यादातर इस्‍तेमाल डेजर्ट और स्‍वीट्स में किया जा सकता है।

õआलूबुखारा में काफी ज्‍यादा मात्रा में एंटीऑक्‍सीडेंट होता है जो शरीर को कई बीमारियों से सुरक्षित रखता है और शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता में इज़ाफा करता है। 

õइसमें कई कैमिकल भी होते है जो शरीर में ब्रेन को काफी तेज बनाता है। 

õये फैट लेयर को भी प्रोटेक्‍ट करता है। कई बार शरीर की फैट लेयर अवांछनीय रेडिकल्‍स और टॉक्सिन से डेमेज हो जाती है लेकिन आलूबुखारा खाने से ऐसा नहीं होता है। 

õइसके सेवन से शरीर से टॉक्सिन भी बाहर निकलने में मदद करता है।


       तरबूज (WATER MELON)-                                                                  



õतरबूज गर्मियों के मौसम बड़े चाव से खाया जाता है और माना जाता है कि गर्मियों के मौसम में इसके सेवन करने से प्यास शांत होती है। 

õ तरबूज में पानी एवं शक्कर की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो गर्मियों में आपको डिहाइड्रेशन से दूर रखती है। 

õइसके अलावा तरबूज में  विटामिन ए, बी एवं सी भी अच्छी मात्रा में पाए जाते है। 

õहाइपरटेंशन के रोगियों को डॉक्टर अक्सर तरबूज खाने की सलाह देते हैं। 

õगर्मियों के मौसम में इसके सेवन करने से प्यास शांत होती इसका गूदा जितना लाल होगा, वह उतना ही मीठा, स्वादिष्ट तथा रसभरा होगा। 

õइसमें 75 प्र.श. पानी रहता है। वास्तव में यह ग्रीष्म ऋतु का सबसे मजेदार फल है। 

õयह ग्रीष्म ऋतु में आनंद, मुख तृप्ति तथा स्वास्थ्य प्रदाता फल माना जाता है।

õतरबूज का हर हिस्सा काम का होता है, इसके छिलके की सब्जी भी बढ़िया बनतीहै। 

õइसके अलावा इसमें विटामिन ए, बी और सी भी अच्छी मात्रा में होते हैं। 



       बेल (BEAL FRUIT)-                                                                           






õबेल में प्रोटीन, फाॅस्फोरस, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, कैल्शियम, फैट, फाइबर, विटामिन-सी, बी पाया जाता है। 

õआयुर्वेद में इसके रस को खाली पेट पीने की सलाह दी गई है। यह ज्यादा फायदेमंद होता है। 

õदिन भर बेल का शरबत पीने से कोई फायदा नहीं। बेल के फलों का शर्बत बड़ा गुणकारी होता है। 

õयह शर्बत कुपचन, आँखों की रोशनी में कमी, पेट में कीड़े और लू लगने जैसी समस्याओं से निजात दिलाने में उत्तम है। 

õबेल फल के सेवन से लू से शरीर को बचाया जा सकता है। 

õइसका जूस लू और उसके बाद आए बुखार के नियंत्रण के लिए अति कारगर है। 

õबेल के जूस में शक्कर, और इलायची मिलाकर रोगी को दें तो असरकारक होता है। 

õगर्मियों में लू लगने पर बेल के ताजे पत्तों को पीसकर मेहंदी की तरह पैर के तलुओं में भली प्रकार मलें। इसके अलावा सिर, हाथ, छाती पर भी इसकी मालिश करें। 

õमिश्री डालकर बेल का शर्बत भी पिलाएं तुरंत राहत मिलती है। 

õदिमाग और हृदय को शक्ति प्रदान करने के साथ पेट के रोगों में भी बेल को रामबाण माना गया है। 

õयह एसिडिटी दूर करता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है। 

õअल्सर और कब्ज के साथ पेचिश की समस्या में यह फायदेमंद है। 

õपेट संबंधी समस्या के लिए इसके मुरब्बे का सेवन करें।



     TO BE CONTINUED.............................    
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