Thursday, 22 October 2015

Headache - What is it? It's Causes and Symptoms : सिरदर्द को न करें नज़रअंदाज़ क्योंकि घातक हो सकता है सामान्य सिरदर्द

      Headache - What is it? Headaches: Causes and Symptoms      


सिरदर्द या शिरपीड़ा (शिरपीड़ा (Headache) सिर, गर्दन या कभी-कभी पीठ के उपरी भाग के दर्द की अवस्था है। यह सबसे अधिक होने वाली तकलीफ है, जो कुछ व्यक्तियों में बार बार होता है | सिरदर्द को अधिकतर लोग साधारण मानकर गंभीरता से नहीं लेते और सिरदर्द की गोली लेकर सोचते हैं कि उन्हें इससे छुटकारा मिल गया। ये दवाईयाँ दर्द तो समाप्त कर देती हैं, परंतु सिरदर्द के कारणों को नहीं समाप्त करतीं, इसलिए सिरदर्द के कारण को जानकर उस कारण को समाप्त करना बहुत जरूरी है। आज हम आपको सरदर्द के विभिन्न कारणों से अवगत करा रहे हैं जो की निम्न है –

      1. अर्धकपारी / Migraine :                                                                               


सिर के किसी एक हिस्से में बेहद ज्यादा दर्द होता हैं। यह दर्द कुछ घंटो से लेकर कुछ दिनों तक भी रह सकता हैं। Migraine में सिरदर्द के अलावा जी मचलाना, उलटी होना, धुंधला दिखाई देना, कमजोरी, आवाज या रौशनी के प्रति असंवेदनशीलता इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं। Migraine के कारण, लक्षण और उपचार संबंधी अधिक जानकरी यहाँ दी गयी हैं|

       2. तनाव सिरदर्द / Tension Headache :                                                          


अत्यधिक तनाव और चिंता के कारण यह सिरदर्द होता हैं। यह सिरदर्द दोनों कनपटियो में ज्यादा रहता हैं। इसमें थोडा-थोडा सिरदर्द लम्बे समय तक होता हैं। भारतीय कामकाजी व्यक्तिओ में यह सामान्य तौर पर पाया जाता हैं। ज्यादातर मामलो में यह बिना दवा लिए कुछ देर आराम करने से ठीक हो जाता हैं।

      3. साइनस सिरदर्द / Sinus Headache :                                                           


हमारे चेहरे की हड्डियों में माथा, नाक और गाल के पास के बिच के कुछ जगह खाली होती है जिसे Sinus कहते हैं। ठंडा पानी पिने से या ठन्डे मौसम में इसमें कफ जम जाता है और इस कफ में संक्रमण होने पर Sinusitis हो सकता हैं। इसमें आँखों में, सिर के अगले हिस्से में या नाक के आस-पास गाल के हिस्से में तेज दर्द, सुजन और बुखार जैसे लक्षण नजर आते हैं। निचे की ओर देखने पर यह दर्द बेहद ज्यादा बढ़ जाता हैं।

इसके अलावा सिरदर्द कई अन्य कारणों से भी हो सकता हैं। जोकि निम्न हैं-

* सिरदर्द कई प्रकार के होते हैं जैसे- अधिक देर तक सोते रहने या कम समय सोने से, नींद पूरी न होने के कारण भी सिरदर्द हो सकता है। कभी-कभी नींद के बीच-बीच में टूटने के कारण भी सिरदर्द होता है|

* कभी-कभी गर्मी में अधिक व्यायाम कर लेने से भी सिरदर्द शुरू हो जाता है, क्योंकि व्यायाम करते वक्त ग्लूकोज की मात्रा मांसपेशियों द्वारा खर्च कर ली जाती है और मस्तिष्क को ग्लूकोज नहीं मिल पाता।

* दाँतों में दर्द के कारण भी सिरदर्द की शिकायत रहती है। दाँतों में कीड़ा लगने, अक्ल दाढ़ आने आदि से पूरे जबड़े में दर्द रहता है।


* तनाव का पहला लक्षण ही सिरदर्द है। इसके अतिरिक्त निराशा, नींद न आना, थका हुआ महसूस करना आदि भी तनाव के कारण होते हैं। आँखों के चश्मे के नंबर में बदलाव के कारण भी सिरदर्द होता है। जिन लोगों को आँखों का चश्मा न लगा हो और उन्हें सिरदर्द की शिकायत लगातार हो रही हो उन्हें नेत्र विशेषज्ञ के पास जाकर आँखों को दिखाना चाहिए व नजर कमजोर होने पर चश्मा लगाना चाहिए।

* कभी-कभी कुछ दवाईयाँ भी सिरदर्द का कारण होती हैं जैसे ह्दय रोगों में ली जाने वाली दवाईयाँ व उच्च रक्तचाप होने पर ली जाने वाली दवाईयाँ।

* अधिक जुकाम, मौसम में बदलाव, अधिक धूम्रपान आदि के कारण भी सिरदर्द की शिकायत रहती है। 

* पूरा दिन किसी बंद कमरे में बिताने से शरीर को शुद्ध वायु नहीं मिल पाती। इस कारण से भी सिरदर्द हो सकता है।

* आज के कम्प्यूटर युग में जहाँ बच्चे से लेकर वृद्ध तक कई घंटों तक कम्प्यूटर के सामने बैठे रहते हैं, सिरदर्द एक आम बात है। अधिक देर तक टीवी देखने से भी सिरदर्द हो सकता है। सिरदर्द का कारण जानने के लिए काफी समय लगता है। अगर आपको तनाव है तो अपने आपको उस तनावपूर्ण वातावरण से दूर रखने का प्रयास करें।


हमारी अगली पोस्ट में हम सर दर्द को दूर करने के कुछ अचूक घरेलू नुस्खो के बारे में बताएँगे जिनका उपयोग हमारे बड़े बुजुर्ग किया करते थे और स्वस्थ रहते थे |

इस पोस्ट में प्रयुक्त चित्र google image से लिए गए हैं , यदि किसी को इससे आपत्ति है तो vsmskb@gmail.com पर संपर्क करे |

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