Friday, 26 February 2016

Amazing Health Benefits Of Kapalbhati Pranayama (Skull Shining Breathing Technique) : कपालभाति प्राणायाम करने की विधि – सुंदरता बढाने, वजन घटाने, तथा थायरोइड जैसी अन्य कई गंभीर बीमारियों में फायदेमंद है कपालभाति प्राणायाम |

          Health Benefits Of Kapalbhati Pranayama (Skull Shining Breathing Technique)   


कपालभाती में कपालका मतलब होता है माथाजो कि अपने सिर के बालों और नाक के बीच में आता है, और भाती का मतलब होता है रौशन करना मतलब चमकदार बनाना। कपालभाती दो शब्दों से बना होता है कपाल यानि मस्तिष्क/सिर और भाती यानि चमक । यह प्राणायाम  मुख्य रूप से मस्तिष्क और मस्तिष्क के तहत अंगों को अच्छी तरह से प्रभावित करता है। 
सदियो से साँस से जुड़े योगा, प्राणायाम  सेहत बढ़ाने में सफल उपाय रहे है, इसमे कोई शक नही कि कपालभाती एक बहुत प्रचलित योगा प्राणायाम है जो साँस के साथ जुड़ा हुआ है। प्राणायाम एक प्रक्रिया है जोकि शरीर की ऊर्जा को बढ़ाती है | । दिमाग आगे के हिस्‍से को कपाल कहते हैं और भाती का अर्थ ज्योति होता है।  कपालभाती प्राणायाम को हठयोग में शामिल किया गया है। 


योग की हर क्रिया कारगर होती है, लेकिन बात जब कपालभाती प्राणायाम की होती है तो इसे जीवन की संजीवनी कहा जाता है। कपालभाती प्राणायाम को सबसे कारगर माना जाता है। योग के आसनों में यह सबसे कारगर प्राणायाम माना जाता है। यह तेजी से की जाने वाली एक रोचक प्रक्रिया है
अब तो आप समझ ही गये होंगे के कपालभाती आपकी बॉडी(फेफड़ो और नसों को) क्लीन करना है। जिसमे साँस अंदर लेना नॉर्मल होता है पर ज़्यादा ध्यान साँस छोड़ने पर दिया जाता है और ये सब करने के लिए एक आसन में बैठना ज़रूरी होता है। इसे खाली पेट करना चाहिए और अगर खा लिया तो खाने के 2-3 घंटे के बाद। कपालभाती करने के लिए ऊम्र का कोई लिहाज़ नहीं है आप किसी भी उम्र में इसे कर सकते है , लेकिन आपको किसी एक्सपर्ट की निगरानी में ही कोई नयी योगा की प्रेक्टिस करनी चाहिए।

        कपालभाती कैसे करे (how to do kapalbhati)                                                           

 

ïसर्वप्रथम आप एक समान, सपाट और स्वच्छ जगह जहाँ पर स्वस्छ हवा हो वहाँ पर कोई कपडा या चटाई बिछाकर बैठ जाएँ ।
ïआप सिद्धासन, पद्मासन या वज्रासन में बैठ सकते है। आप चाहे तो आपको जो आसन आसान लगे या आप हमेशा जैसे जमीन पर बैठते है उस तरह बैठ जाए।
ïइसके बाद आप घुटनों पर हाथ रखिए और अब अपनी साँस के आने जाने पर ध्यान दीजिए। अगर बैठने में तकलीफ़ है तो आप कुर्सी पर बैठकर भी कपालभांति कर सकते है।
ïइसमें आपको बस सांस लेना है जैसे हम हमेशा लेते हैं । साँस लेने से खून का aeration होता है।
ïइसमें हमको सांस छोड़ने पर ज़्यादा ध्यान देना है। सांस को ज़बरदस्ती छोड़ना है। ध्यान रखना है कि आपके फेफड़ो की सारी हवा आप ज़बरदस्ती कर बाहर छोड़ रहे है।
ïअब नाक से तेजी से श्वास को बाहर निकलने की क्रिया करे। श्वास को बाहर निकालते वक्त पेट को भीतर की ओर खींचें।
ïइसके बाद श्वास को अंदर लिया जाता है| ऐसा करते वक्त संतुलन बनाये रखे|
ïसांस लेना और ज़बरदस्ती सांस छोड़ना continue रखना है।
ïअगर आप अच्छी सेहत वाले है तो 10 से 15 मिनट रोजाना और अगर आप बीमार है तो 20 से 25 मिनट रोज आप कपालभाती कर सकते है।
ïआप बीच में आराम करके भी इस व्यायाम को कर सकते हैं।

        कपालभाती के फ़ायदे (kapalbhati benefits)                                                             

 

üकपालभांति चेहरे की झुर्रिया और आँखों के नीचे का कालापन दूर कर चेहरे की चमक फिर से लौटाने में मदद करता है। 
üकपालभांति गैस, कब्ज और अम्लपित्त / Acidity की समस्या को दूर भगाता है। 
üयह शरीर और मन के सारे नकारात्मक तत्व और विचारों को मिटा देता है।   
üकपालभांति शरीर को detox करता है। 
üकपालभाती प्राणायाम मोटापे से लड़ने में और पेट की चर्बी कम करने में फायदेमंद होता है।
üइससे बॉडी का ऑक्सिजन सप्लाइ बढ़ा है, और खून शुद्ध होता है।
üयह एकाग्रता बढाने के लिए उपुक्त है। इसलिए कपालभाती को ध्यानकरने से पहले करते है।
üयह आपको स्फूर्तिदायक बनाता है, शरीर में गर्मी पैदा करता है ।
üयह बीमारी और एलर्जी से बचाता है।
üकपालभांति शरीर में स्वतः हिमोग्लोबिन तैयार होता है। 
üयह शरीर मे स्वतः कँल्शीयम तैयार होता है। 
üइससे मांसपेशियो को ताकत मिलती है। जिससे आपकी पाचनशक्ति बढ़ती है।
üइसका सबसे महत्वपुर्ण फायदा यह है कि इसे करने से आपका चेहरा खिलखिलाने लगेगा और आपका चेहरा ग्लो करेगा, जिससे आप जवान लगेंगे। अब उमर छुपाने के लिए आपको किसी कोस्मेटिक क्रीम की ज़रूरत नहीं है।
üइसके अलावा कपालभाती आपको नाडी शुद्धि में और कुण्डलिनी शक्ति जागृत करने में मदद करता है।
üकपालभांति से आखों की सभी प्रकार की समस्या मिट जाती है, और आखों की रौशनी लौट आती है। 
üइससे दातों की सभी प्रकार की समस्या मिट जाती है, और दातों की खतरनाक पायरीया जैसी बीमारी भी ठीक हो जाती है। 
üकपालभांति से थायराँइड की समस्या मिट जाती है।
üइससे सभी प्रकार की चर्म समस्या मिट जाती है।

        कपालभाती प्राणायाम करते हुए कुछ ध्यान रखने योग्य बातें :-                                              


[कपालभाती सुबह के समय खाली पेट, शोच जाने के बाद करे|
[अगर खाना खाने के बाद कपालभाती करना है तो खाने और कपालभाती में कम से कम 5 घंटे का अन्तराल रखें।
[कपालभाती क्रिया करने के 45 मिनिट तक कुछ भी न खाए। आप चाहे तो थोड़ा पानी का सेवन कर सकते है।
[शुरुआती दिनों में कपालभाती किसी योग शिक्षक की देखरेख में ही किया जाये।
[गर्भवती महिला, मिर्गी, हर्निया के रोगी इस क्रिया को न करे।
[उच्चरक्तचाप और ह्रदय रोगी अपने डॉक्टर की सलाहनुसार ही इस क्रिया को करे।
इसे भी देखें :- Alternate Nostril Breathing: ANULOM VILOM PRANAYAM (मस्तिष्क संतुलन के लिए अनुलोम विलोम)

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