Tuesday, 2 February 2016

Yoga Benefits for Cancer Survivors: Supta Baddha Konasana Yoga : सुप्त बद्धकोणासन योग : केंसर से निजात पाने के लिए अवश्य करें सुप्त बद्धकोणासन योग

                     Yoga Benefits for Cancer Survivors: Supta Baddha Konasana Yoga   

आधुनिक युग में हृदय रोग, शुगर, ब्लड प्रेशर के साथ साथ अब कैंसर भी प्रचलन में आने लगा है| आज कैंसर एक सामान्य बीमारी बनती जा रही है, जहां पहले कुछ ही बीमारियां ऐसी थी जो 10 में से 4 लोगो को हुआ करती थी, अब कैंसर भी उन्ही बीमारियों में से एक है| ज्यादातर लोगों का यह मानना है कि कैंसर एक लाइलाज बीमारी है, लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है| आधुनिक तकनीकों के कारण बड़े हुए कैंसर का इलाज है | बाबा रामदेव तथा कई अन्य योग के ऐसे महारथी है जिन्होंने योग के जरिए कैंसर जैसी कई घातक बीमारियों के उपचार में सफलता पाई है|
मस्तिष्क, श्वास नलिका, आंत, स्नायु तंत्र, कोशिकाएं, चर्बी-मांस, खून तथा शरीर के सभी अंग योग क्रियाओं से शुद्ध और पुष्ट रहते है| कैंसर मूलतः ऊतकों, कोशिकाओं और रक्त से संबंधित रोग है| यह शरीर के लिए खतरनाक तो होता है मगर योग और प्राणायाम के द्वारा इसे आसानी से ठीक भी किया जा सकता है| बाबा रामदेव योग क्रिया में पारंगत एक ऐसी सख्शियत है जिन्होंने लोगों की तकलीफ को समझा और योग भगाए रोग का नारा दिया और ऐसा करके भी दिखाया| आज योग के जरिये बाबा रामदेव ने कई लोगों को एक नया जीवन दिया है|
योग कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से लड़ने में भी बेहद मददगार साबित हो सकता है। अमेरिकी शोधकर्ताओं का मानना है कि अगर योग को पोषण शिक्षा से जोड़ा जाए तो कम उम्र के कैंसर मरीजों को इस बीमारी से लड़ने में सक्षम किया जा सकता है। 
कुछ महान योग ऋषियों का मानना है कि सुप्त बद्धकोणासन योग क्रिया भी कैंसर से निजाद पाने के लिए बेहतरीन योगासन है
हम लोग केंसर के इलाज के लिए जाने कहाँ- कहाँ भटकते है और कई सारे महंगे इलाज भी करवाते हैं लेकिन सवस्थ होने की कोई गारंटी नहीं देता | इसके अलावा आपको उस इलाज के साइड इफ़ेक्ट होते हैं वो अलग | यदि आप केंसर जैसी भयानक बीमारी से पीड़ित हैं तो एक बार डॉक्टर के इलाज के साथ-साथ योग को भी अपना के अवश्य देखें | योग के द्वारा बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के हम इस भयानक बीमारी को काफी हद तक कम कर सकते हैं | 

        सुप्त बद्धकोणासन अवस्था :                                                                                          
इस आसन का अभ्यास करते समय अगर कठिनाई महसूस हो रही हो तो सिर एवं पीठ के नीचे कम्बल रख लेना चाहिए| अगर अभ्यास के दौरान कमर ऊपर उठ जाता है तो कमर के नीचे भी आप कम्बल या तौलिया रख सकते हैं| इस आसन में आप चाहें तो अपनी सुविधानुसार कुछ बदलाव भी कर सकते हैं. आप चाहें तो एक पैर को सीधा रख कर दूसरे पैर से इसे सहारा दे सकते हैं और सुविधा के लिए जांघ के नीचे कम्बल अथवा तौलिया भी रख सकते हैं|

        सावधानियां :                                                                                                           
सुप्त बद्धकोणासन का अभ्यास करते समय कुछ सावधानियों का भी ख्याल रखना चाहिए| घुटनों में तकलीफ होने पर आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए| हिप्स एवं कमर में परेशानी की स्थिति में भी इस आसन का अभ्यास उचित नहीं होता है|

        योग क्रिया – Supta Baddha Konasana Yoga Step by Step                                   
 स्टेप 1 शवासन की मुद्रा में पीठ के बल लेट जाएं|
स्टेप 2 बांहों को शरीर के दोनों तरफ पैर की दिशा में फैलाकर रखें| 
स्टेप 3 इस स्थिति में हथेलियां छत की दिशा में रहनी चाहिए|
स्टेप 4 घुटनो को मोड़ें और तलवों को ज़मीन से लगाकर रखें|
स्टेप 5 दोनों तलवों को नमस्कार की मुद्रा में एक दूसरे के करीब लाकर ज़मीन से लगाएं|
स्टेप 6 जितना संभव हो ऐड़ियों को जंघा की ओर करीब लाएं|
स्टेप 7 इस मुद्रा में 30 सेकेण्ड से 1 मिनट तक बने रहे|
 स्टेप 8 हाथों से दोनो जंघा को दबाएं और धीर धीरे सामान्य स्थिति में लौट आएं|
आप इस योग क्रिया को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं तथा धीरे-धीरे इसके समय में भी बढ़ोतरी कर सकते हैं|


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